Praveen Jain

झूम तराना महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, गायन, पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ फैशन शो में बच्चे व युवा बिखेगें “फैशन का जलवा”

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झूम तराना महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, गायन, पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ फैशन शो में बच्चे व युवा बिखेगें “फैशन का जलवा”

रायपुर: राष्ट्रीय स्तर पर झूम तराना महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना के तत्वाधान में 3 से 6 अगस्त 2022 तक राजधानी रायपुर के दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परम्पराओं को समाहित किया गया है। सभी प्रतियोगिता 4 वर्गों में आयोजित होगी जिनमें कुल 6 लाख से अधिक की ईनामी राशि से प्रतिभागी पुरस्कृत किए जायेंगे। कार्यक्रम संयोजक कृष्णा पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर राकेश मिश्रा एवं कार्यक्रम प्रभारी छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने जानकारी देते हुए बतलाया कि समारोह में नृत्य प्रतियोगिता जिसके अंतर्गत कत्थक, भारत नाट्यम, उड़िसी, फॉक, सेमी क्लासिकल, इंडियन क्लासिकल कूची पुड़ी एवं वेस्टर्न नृत्य, गायन प्रतियोगिता में क्लासिकल, फिल्मी, सेमी क्लासिकल लाइट म्यूजिक, वाद्ययंत्र प्रतियोगिता में कीबोर्ड, गिटार, बांसुरी, पियानो, म्यूजिक बैंड इत्यादि, ड्राइंग व पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ मेट्रो शहरों मे आयोजित होने वाली फैशन शो एवं मॉडलिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की जायेगी। फैशन शो के प्रभारी प्रफुल जैन ने जानकारी देते हुए बतलाया मॉडलिंग के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को बड़ा मंच मिल सकेगा, इस फैशन शो में बच्चों की कैटेगरी के साथ मिसेज, मिस और मिस्टर सेंट्रल इंडिया टाइटल के लिए रैंप पर वॉक कर प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

9329484701

स्पोर्ट्स इंजुरी व आर्थोस्कोपी सर्जरी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा व नाड़ी परीक्षण शिविर

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विशाल स्वास्थ्य परीक्षण शिविर 🇮🇳

🏥 स्पोर्ट्स इंजुरी व आर्थोस्कोपी सर्जरी

🏥 आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं नाड़ी परीक्षण

छत्तीसगढ खेल कांग्रेस द्वारा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की जन्मजयंती (20 अगस्त) एवं छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के जन्म दिवस (23 अगस्त) के पावन अवसर पर ऑर्थो स्पोर्ट्स डॉ. मनु बोरा, गुणगांव एवं वीरजी आयुर्वेदिक संस्थान, रायपुर* के विशेष सहयोग से 4 दिवसीय मेगा चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

जहां देश विदेश के प्रख्यात स्पोर्ट्स इंजुरी, ACL, आर्थोस्कोपी, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, ऑर्थोपेडिक्स, फिजियोथेरेपिस्ट,

आयुर्वेदाचार्य, नाड़ी बैद, योगाचार्य इत्यादि अपनी सेवाएं देने रायपुर पधारेंगे। 🩺 स्वास्थ्य शिविर का लाभ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक व खिलाड़ी अवश्य लेवें।

दिनांक: 20 से 23 अगस्त, 2022, प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक, स्थल:- सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग चौक, रायपुर, (छ.ग.)

🌱अधिक जानकारी के लिए श्री प्रफुल जैन 9691147111 पर संपर्क करें।

🌱 आयोजक:-
अधि. प्रवीण जैन (प्रदेश अध्यक्ष)
छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (खेलकूद प्रकोष्ठ) 7771001701, 9329484701

स्पोर्ट्स इंजुरी व आर्थोस्कोपी सर्जरी, मल्टी स्पेशिलीटी चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा व नाड़ी परीक्षण शिविर

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विशाल स्वास्थ्य परीक्षण शिविर 🇮🇳

🏥 स्पोर्ट्स इंजुरी एवं आर्थोस्कोपी सर्जरी

🏥 मल्टी स्पेशीलिटी चिकित्सा

🏥 आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं नाड़ी परीक्षण

भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की जयंती एवं छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के जन्म दिवस के अवसर पर ऑर्थो स्पोर्ट्स डॉ. मनु बोरा, गुणगांव, MMI, नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल रायपुर एवं वीरजी आयुर्वेदिक संस्थान, रायपुर के विशेष सहयोग से निःशुल्क जांच शिविर, जिसमें देश- विदेश के विशेषज्ञ स्पोर्ट्स इंजुरी, ACL, आर्थोस्कोपी, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, ऑर्थोपेडिक्स, फिजियो एवं मल्टी स्पेशियलिटी डॉक्टर्स की टीम के साथ आयुर्वेदाचार्य, नाड़ी बैद, पंचकर्म विशेषज्ञ एवं योगाचार्य अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। दिनांक: 20 से 23 अगस्त 2022, प्रातः 10 से 4 बजे स्थल:- सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग चौक, रायपुर

नोट:
स्पोर्ट्स इंजुरी के विशेषज्ञ डॉ. मनु बोरा गुणगांव, डॉ. अखिल अग्निहोत्री ‘फ्रांस’ तथा डॉ. नवीन अग्रवाल मेरठ से विशेष रूप से 20 एवं 21 अगस्त को शिविर में शामिल होंगे। पंजीयन शिविर में ही किया जायेगा।

दिनांक: 20 से 23 अगस्त, 2022, प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक, स्थल:- सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग चौक, रायपुर, (छ.ग.)

🌱 शिविर में स्वेक्षा से जो भी सेवा देना चाहते हैं वे अधिक जानकारी के लिए श्री प्रफुल जैन 9691147111 से संपर्क करें।

🌱 आयोजक:-
अधि. प्रवीण जैन (प्रदेश अध्यक्ष)
छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (खेलकूद प्रकोष्ठ) 7771001701, 9329484701

नीचे ईलाज के वीडियो दिए जा रहे हैं किस तरह से स्पोर्ट्स इंजुरी ठीक की जाती है।

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जानकारी के लिए फ़ोन कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ क्रिकेट काउंसिल की प्रथम आमसभा में लिया गया निर्णय

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छत्तीसगढ़ क्रिकेट काउंसिल की प्रथम आमसभा में लिया गया निर्णय

प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलेगा टी 20, वन डे और टेस्ट मैच खेलने का अवसर

सदस्यता अभियान का भी किया गया आगाज

रायपुर 26 जून: छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट काउंसिल की पहली आमसभा बैठक रविवार को वृंदावन हॉल, रायपुर में संपन्न हुई, बैठक में क्रिकेट खेल के विकास के लिए प्रदेश भर से क्रिकेट प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए, सर्वप्रथम दीप प्रज्जवलित एवं गणेश स्तुति कर बैठक की शुरुवात की गई, तत्पश्चात प्रदेश संयोजक प्रवीण जैन ने क्रिकेट काउंसिल के गठन के प्रमुख कारणों और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला साथ ही संस्था के संविधान की विस्तृत जानकारी उपस्थित जनों को प्रदान की। प्रवीण जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में क्रिकेट खिलाड़ियों को बड़े मंच नही मिल पाते जिसकी वजह से इतना लोकप्रिय खेल होने के बाद भी हमारा प्रदेश देश में सबसे पिछले पायदान पर है, बिना क्रिकेट संघ की अनुमति के प्रदेश में कोई खेल आयोजन नही हो सकते और अनुमति प्रदान करना उनके अधिकार क्षेत्र में नही है, जिसकी वजह से बड़े आयोजनों में टेक्निकल समस्याएं आती है। इस लिए मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश के हुनरमंत क्रिकेटर्स को नियमित रूप से टी 20, एक दिवसीय और टेस्ट मैच इत्यादि में बड़े अवसर प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि क्रिकेट काउंसिल का गठन प्रत्येक जिले में किया जाएगा और सभी जिलों में क्रिकेट की एकेडमियां प्रारंभ की जायेगी। सभा को संबोधित करते हुए विकास बजाज ने घोषणा की है कि महादेव घाट स्थित एथिना स्कूल में 5 एकड़ भूमि पर क्रिकेट मैदान विकसित कर छत्तीसगढ़ क्रिकेट काउंसिल को प्रदान किया जाएगा, सभा को प्रवीण झा ने संबोधित करते हुए कहा कि बिलासपुर संभाग में क्रिकेट काउंसिल के गठन और बड़े आयोजन नियमित रूप से करने की जिम्मेदारी वे लेते है। वहीं चंद्रशेखर शुक्ला ने भी बढ़चढ़ कर सहयोग देने की बात कही। बैठक में सरगुजा से लेकर बस्तर संभाग से आए क्रिकेट प्रिमियों ने अपने विचार रखे और सदायता अभियान के अंतर्गत स्वयं सदस्यता ली एवं अपने अपने जिलों में भी सदस्यता का जिम्मा लिया। बैठक में मुख्य रूप से मुस्ताक अली प्रधान रायपुर, आकाश राठौर नारायणपुर, आलोक ठाकुर, रिजवान खान दुर्ग, इमरान खान बीरगांव, जावेद अली बिलासपुर, जितेंद्र गुप्ता अंबिकापुर, राकेश राजपूत मुंगेली, बरजेंद मरकाम कोंडागांव, सरजीत बक्सी दंतेवाड़ा, ख्वाजा अहमद, सुमित सिंह, जय प्रकाश, सिमरन सिंह, राजेंद्र नाग, अजहर अली, विवेक सिंह भिलाई, शेख समीर बिलासपुर, हरमेश चावड़ा, कमलेश यदु गरियाबंद, संदीप बक्सी दुर्ग, आमिर हासमी धमतरी, अनिल प्रजापति कोरबा, साबिर अली कवर्धा, साजिया अली बिलासपुर, अमित दीवान, निमेष जैन रायपुर सहित काफी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

भवदीय
अधि. प्रवीण जैन
छत्तीसगढ़ खेल महासंघ
9406133701

JAINISM IN CHHATTISGARH छत्तीसगढ़ में जैन धर्म अत्यंत समृद्ध व प्राचीन रहा है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक हजारों वर्षों पुराने जैन धर्म का जीवंत इतिहास

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JAINISM IN CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़ में जैन धर्म अत्यंत समृद्ध व प्राचीन रहा है।

बस्तर से लेकर सरगुजा तक हजारों वर्षों पुराने जैन धर्म का जीवंत इतिहास

छत्तीसगढ़ में प्राचीनकाल से ही शैव, वैष्ण, शाक्य, बौद्ध एवं जैन धर्म की परंपरा रही है। छत्तीसगढ़ में जैन तीर्थंकरों की हजारों वर्षों पुरानी सकड़ों प्रतिमाएं आज भी खुदाई के दौरान मिलती है। छत्तीसगढ़ जैन युवा श्रीसंघ के प्रदेश अध्यक्ष अधि. प्रवीण जैन ने विभिन्न इतिहास की पुस्तकों के आधार पर स्थल एवं तथ्यों को पूरी प्रामाणिकता के साथ जानकारी देते हुए बतलाया है कि छत्तीसगढ़ में सभी धर्मों को समान रूप से पोषित किया गया। छत्तीसगढ़ में सर्वधर्म समभाव की परंपरा यहां प्राचीनकाल से ही चली आ रही है। छत्तीसगढ़ का पूर्व में प्रचलित नाम कौशल राज्य है, जहां जैन इतिहास लगभग ढाई हजार साल से भी ज्यादा पुराना है। कुछ समय पूर्व ही राजिम में पुरातत्व खुदाई में भगवान पार्श्वनाथ की 1600 साल पुरानी प्रतिमा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सदियों से छत्तीसगढ़ में जैन धर्मावलंबी निवासरत है। दरअसल आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ के जंगल ऋषि – मुनियों की तपस्या के लिए उपयुक्त क्षेत्र रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इसलिए श्रृंगी – ऋषि से लेकर वाल्मिकी आश्रम के प्रमाण मिलते है ।छत्तीसगढ़ में शैव , वैष्णव, बौद्ध और जैन धर्म के अनेक प्रमाण साक्ष्य हैं।
जांजगीर चांपा जिले के अंतर्गत चांपा से 50km दूरी पर दमऊदरहा नामक स्थान गूंजी या ऋषभ तीर्थ के नाम से जाना जाता है, यहां एक शिलालेख प्राप्त हुआ है जिस पर श्री भगवान के प्रतीक चिन्हों के साथ गायों के दान देने की बात प्राकृत भाषा ब्राम्ही लिपिबद्ध है, इस शिलालेख पर सातवाहन कालीन शासक कुमार वारदत्त के 5वे संवत में प्रवेश का उल्लेख है। इसके समीप एक राम लक्ष्मण मंदिर भी स्थापित है जिसमें भगवान ऋषभदेव की प्राचीन प्रतिमा भी स्थापित है।
बिलासपुर से 124km दूरी पर अडमार नामक स्थान है, जहां अष्ट भूजी माता के कल्चुरी शासकों का निर्माण किया मंदिर है जिसमें भगवान पार्श्वनाथ की 2 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित है।
अंबिकापुर से 40km की दूरी पर उदयपुर ग्राम में 8km क्षेत्रफल में 17 टीले स्थित है जिसमें प्राचीन जैन मंदिरों के भग्नावशेष तथा मूर्तियां 5 km के क्षेत्र में फैली हुई है, यहां एक शिलालेख भी है, जिसमें 18 वाक्य लिखे हैं। इन पुरातात्विक भग्नावेशों में वैष्णव, शैव जैन संप्रदाय के 30 बड़े मंदिर है। यहां 6वी शताब्दी की 104 सेमी. ऊंची अत्यंत दुर्लभ एवं प्राचीन ऋषभदेव भगवान की प्रतिमा स्थापित है।

रायपुर से 35km की दूरी पर स्थित आरंग जैन धर्मावलंबियों का एक कलात्मक एवं सुन्दर मंदिर स्थित है, जिसे भांड देवल के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी नरेशों के शासनकाल में हुआ जो कि 12 शताब्दी ईस्वी का माना जाता है। इस मंदिर के गर्भगृह में जैन तीर्थंकरों नेमीनाथ, अजीतनाथ एवं श्रेयांशनाथ जी की 6 फिट ऊंची काले ग्रेनाइट पत्थरों की प्रतिमाएं स्थापित है। इसके अतिरिक्त अन्य मंदिर जिसे बाघ देवल एवं शिव मंदिर में जैन साधकों की मूर्तियां उत्क्रीन है साथ ही एक अन्य मंदिर जिसे महामाया मंदिर के नाम से जाना जाता है के प्रवेश द्वार पर जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां स्थापित है।
बिलासपुर से 100km दूरी पर स्थित पैंड्रारोड से 16km धनपुर नामक ग्राम में जैन धर्म से संबंधित पुरावशेष बड़ी संख्या में पाए गए। यहां ऋषभ तालाब स्थित है जिसके समीप पेड़ के नीचे तीर्थंकर की प्रतिमा स्थापित है। यहां स्थित अनेक मंदिरों में अनेक जैन धर्म से संबंधित प्रतिमाएं रखी है। यहां स्थित भवन तारा तलाब से 3km की दूरी पर कई मंदिरों के भग्नावेश है जिसमें से 4 मंदिरों के भग्नावेश जैन मंदिरों के हैं। धनपुर से 2 km की दूरी पर एक विशाल चट्टान पर कार्योत्सर्ग मुद्रा में जैन तीर्थंकर ऋषभदेव जी की विशाल प्रतिमा उत्कीर्ण है जिसकी ऊंचाई 25 फिट है, छत्तीसगढ़ में यह एकमात्र इतनी बड़ी प्रतिमा है, जो शैलोतकीर्णीत जैन मूर्तिकला का एक अद्भुत उदाहरण है।
बैकुंठपुर से 32km घनघोर जंगलों में जोगीमठ ग्राम में जैन तीर्थंकर ऋषभदेव की 2 प्रतिमाएं 8वी की स्थापित है यहां प्राचीन ईंटों से निर्मित एक जैन मंदिर का भग्नावेश भी है जहां जैन मूर्तियां स्थित है।
महासमुंद जिसे के सिरपुर में 9वी शताब्दी की नवग्रह धातु की जैन तीर्थंकर ऋषभदेव जी की प्रतिमा प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में अनेकों जैन प्रतीक अवशेष प्राप्त हुए हैं।
बिलासपुर से 30 km ताला नमक ग्राम में देवरानी जेठानी मंदिर से खुदाई के दौरान पांचवी शताब्दी की प्रतिमाओं के साथ जैन तीर्थंकर ऋषभदेव जी की प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई है।
बिलासपुर के रतनपुर में मां महामाया मंदिर की स्थली रतनपुर से कल्चुरी कालीन 12वी शताब्दी ईस्वी की भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा प्राप्त हुई है साथ ही मंदिर के अंदर व द्वार पर जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं अंकित है।
बिलासपुर से 35 km दूरी पर मल्हार ग्राम में अत्यंत प्राचीन ऋषभदेव भगवान की प्रतिमा संग्रहित की गई, इसके अतिरिक्त अनेकों जैन प्रतिमाएं एवं अवशेष की प्राप्ति यहां से हुई है। मल्हार के सोहागपुर में ठाकुर यशवर्धन सिंह के निजी संग्रहालय में सैकड़ों की संख्या में जैन प्रतिमाएं संग्रहित हैं।
रायपुर के संग्रहालय में भगवान ऋषभदेव जी की एक अत्यंत प्राचीन प्रतिमा के साथ छत्तीसगढ़ से प्राप्त अनेकों जैन प्रतिमाएं संग्रहित है।
इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ में जैन धर्म की संबंधित अत्यंत प्राचीन प्रतिमाएं हजारों की संख्या में मिली है जिसमें प्रमुख रूप से नेतनगर, नर्राटोला, कुर्रा, बम्हनी जो रायपुर जिले में स्थित है। कांकेर एवं बस्तर में जिलों में कई स्थानों में प्रतिमाएं प्राप्त हुई हैं, जिसमें जगदलपुर एवं गढ़बोदरा है। बिलासपुर के पंडरिया, पेंड्रा, पदमपुर के साथ राजिम, डोंगरगढ़ , गुंजी , खरौद, पाली , महेशपुर, शिवरीनारायण , दुर्ग , नगपुरा , भोरमदेव , सहित कई स्थान है जहां से भगवान आदिनाथ से लेकर प्रभु , पाश्र्वनाथ , प्रभु महावीर स्वामी , प्रभु अजितनाथ , प्रभु नेमीनाथ , प्रभु श्रेयांशनाथ , श्री चंद्र प्रभु प्रमुख है । स्थानों में भी जैन प्रतिमाएं प्राप्त हुई है। रामगढ़ की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन नाट्य शाला में भी जैन धर्म का उल्लेख है । बकेला – देवसरा से प्राप्त प्रतिमा बारहवीं शताब्दी की है जो पंडरिया के जैन मंदिर में स्थापित है । सरगुजा के डीपाडीह की प्रतिमाएं दूसरी और तीसरी शताब्दी की है।
जैन धर्म के तीर्थंकरों को आज भी बैगा आदिवासी केंवट इत्यादि अनेकों जनजाति के लोग विभिन्न नामों से अपनी अपनी रिरिवाज और परंपराओं के आधार पर श्रद्धाभाव से पूजते हैं।
इस प्रकार कहा जा सकता है कि में जैन धर्म का इतिहास छत्तीसगढ़ में अत्यंत समृद्ध एवं प्राचीन रहा है, जो हमारे लिए गौरव की बात है।

अधि. प्रवीण जैन (अध्यक्ष)
छत्तीसगढ़ जैन युवा श्रीसंघ, 9329484701


संकलन संदर्भ

^ गर्ग 1992 , पृ. 578.
^ एक ख ग प्रांतों 1909 , पृ। २५९.
^ सुरजन और वर्मा १९९६ , पृ. 18.
^ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण १८७८ , पृ. 165.
^ “आरंग में मिली तीर्थंकर आदिनाथ की प्राचीन मूर्ति” । हितवाद । 19 मई 2016 से संग्रहीत मूल 20 मई 2016 को । 30 जून 2016 को लिया गया ।
^ ए बी जैन 1972 , पी। 446.
^ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण १८७८ , पृ. १६०.
^ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण १८७८ , पृ. १६१.
^ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण १८७८ , पृ. १६२.
^ शाह १९८७ , पृ. १५४.
^ बेगलर १८७८ , पृ. १६२.
^ “केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारक/स्थल/अवशेष, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण। रायपुर सर्कल, रायपुर” (पीडीएफ) । एएसआई । 10 फरवरी 2015 को लिया गया ।
^ एएसआई, रायपुर सर्कल ।

Rajeev Sports Talent Award

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In the year 2018,
I organized 1st ever grand award ceremony for state, national and international players which was the easiest option to connect with players. In the 1st year, we recognized 500 players. Next year in 2019 we worked Even harder and awarded 1552 players of 110 different sport categories. This was also registered in the Golden Book Of World record to recognise 1552 players under 1 roof. In 2020 by following Covid rules we divided the same work at the district level and the same day we awarded 5100 players and now in the year 2021 again we awarded 11000 players. Throughout these years I have recognized over 16000 players. I connected with them. I have created a big team of players for players to provide the best facilities and guidance. I am trying my best to avail all the possible things to needies. My vision is to see Players from our state represent not only Chhattisgarh but the nation India in Olympics 2028.

I feel this project is unique because our players were living a life of non-guidance, and no one was taking the initiative. Our players are in lack guidance and are disappointed. They had lost their hope and many started giving up on sports. I encouraged them through awards and recognitions and providing them opportunities to play.

After starting the project I realized that talent is hidden in the backward indigenous places but they lack resources and guidance.

After this initiative many of the players of these areas connected with me and started again with their sports.

Adv Praveen Jain
President
CG PCC Sports Cell

 

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शिक्षकों, स्कूल संचालकों के साथ कोच व 450 मैडलिस्ट खिलाड़ियों को कांग्रेस ने किया सम्मानित

खेल और खिलाड़ियों के विकास विषय पर खेल अधिवेशन

400 खिलाड़ियों को अशोक ध्यानचंद ने किया सम्मानित

कांग्रेस खेल प्रतिभा सम्मान

छत्तीसगढ़ में खेल कांग्रेस ने किया 36 सौ खिलाड़ियों का सम्मान

छत्तीसगढ़ में क्रिकेट के विकास पर सार्थक चर्चा

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आज छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के संरक्षक श्री बलदेव सिंह भाटिया जी एवं बीसीसीआई के फाइनेंस कमेटी के मेंबर श्री प्रभजोत सिंह भाटिया से महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें छत्तीसगढ़ में क्रिकेट के विकास पर सार्थक चर्चा हुई है, इस अवसर पर मेरे साथ पूर्व पार्षद व कॉंग्रेस स्पोर्ट्स सेल के कोषाध्यक्ष श्री गोवर्धन शर्मा, पूर्व पार्षद व युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव श्री मिलिंद गौतम, महामंत्री श्री मनोज बोथरा शहर अध्यक्ष श्री अमित दिवान बैठक में शामिल रहे।

 

अधि. प्रवीण जैन
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (खेलकूद प्रकोष्ठ)

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी से सपरिवार मुलाकात

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छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी से सपरिवार मुलाकात कर दीपावली की बधाई दी एवं CPL- T20 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

अधि. प्रवीण जैन