छत्तीसगढ़ टास्कफोर्स के जवान ने दिया मल्लखम्ब को एक नया आयाम

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भारत का प्राचीन युद्ध कला खेल मल्लखम्ब छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा लोकप्रिय

भारत में 1962 में पहली बार मलखम की राष्ट्रीय चैंपियनशिप उज्जैन में जिम्नास्टिक फेडरेशन द्वारा आयोजित कराई गई और 1982 में मल्लखम्ब फेडरेशन का गठन हुआ। 1982 से आज तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन मल्लखम्ब फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है, यह खेल प्रमुखतः महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, केरल, पॉन्डिचेरी, गुजरात, राज्यस्थान, आदि जगहों पर अच्छी तरह से विकसित हुआ है। वर्ष 2019 फरवरी माह में पहली वार्ड चैंपियनशिप का आयोजन महाराष्ट्र के मुम्बई शहर के दादर शिवाजी पार्क में आयोजन की गई, जहां 17 देशों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें प्रमुख रूप से जपान, अमेरिका, जर्मनी, इंग्लैंड, फ्रांस आदि देश भी शामिल हुए। इसके बाद अब मलखम का 2021 में द्वितीय विश्व चैंपियनशिप अमेरिका के न्यूजर्सी शहर में आयोजन होगा। इसके अतिरिक्त साउथ एशिया भी 2021 में होना प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस के अध्यक्ष अधि. प्रवीण जैन ने प्रदेश में मलखम्ब के विकास और मान्यता के लिए प्रदेश सरकार को पत्र भेजा है और इस खेल के प्रशिक्षण मनोज प्रसाद से मलखम्ब खेल के विषय पर सम्पूर्ण जानकारी एकत्र की है।
छत्तीसगढ़ में मल्लखम्ब खेल जिला नारायणपुर, बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा जैसे जिलों में कई वर्षों से सुचारू रूप खेला जा रहा है और यहां बड़ी संख्या में खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ मल्लखम्ब संघ बिलासपुर से संचालित होता है। वर्तमान में मल्लखम्ब खेल के सबसे ज़्यादा खिलाड़ी नारायणपुर जिले से आते हैं, मनोज प्रसाद मल्लखम्ब प्रशिक्षक नारायणपुर द्वारा 2017 से 4 बच्चों से मल्लखम्ब का प्रशिक्षण प्रारम्भ किया और अब इनके पास लगभग 400 सौ खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिसमे 150 बालिकाएं भी हैं, जिसमें प्रत्येक वर्ष 50 से 60 मलखम खिलाड़ी राष्ट्रीय स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं। 4-5 नवम्बर 2019 को राष्ट्रीय स्तर के खेल में छत्तीसगढ़ को पहला स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ जो नारायपुर जिले के खिलाड़ी राजेश कोर्राम ने दिलाया, फिर उसके बाद 5-7 मार्च 2020 को आयोजित 32 वी राष्ट्रीय मल्लखम्ब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाडिय़ों ने इतिहास बना दिया और जूनियर टीम ने चैंपियनशिप के साथ साथ 8 स्वर्ग पदक और 3 कास्य पदक जीत कर 40 वर्षों के महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के एकाधिकार को मात दे कर एतिहासिक जीत दर्ज की। इस प्रतियोगिता में 20 खिलाड़ी नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र से थे जिन्होंने 10 से ज्यादा पदक दिलाया।

मल्लखम्ब खेल
योगा, जिम्नास्टिक एवं एक्रोबेटिक से मिलकर बना है, इस खेल की तीन तरह की प्रतियोगिताएं होती है:-

(01) पोल मल्लखम्ब
(02) रोप मल्लखम्ब
(03) हैंगिंग मल्लखम्ब

खिलाड़ियों इन तीनो पर अपना सर्वश्रेष्ठ आशनों को प्रदर्शित करना होता है। जिसमें खिलाड़ी को सिर्फ 90 सेकंड का समय मिलता है, जिसमें खिलाड़ी को माउंट, डिसमॉन्ट, एक्रोबेटिक, डिफिकल्ट के साथ उसे 16 एलिमेंट करना होता है यह खेल सिर्फ 10 अंक का होता है जिसमे खिलाड़ि को सर्वश्रेष्ठ नम्बर उठाना होता है। खिलाड़ी का हर गलती पर नम्बर कट जाता है। इस खेल में 7 निर्णायक होते हैं।

छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस 7771001701, छत्तीसगढ़ खेल महासंघ 93294984701

उपरोक्त नम्बरों में अपने क्षेत्र के खेल की सम्पूर्ण जानकारी आप भेज सकते हैं जिसे हम प्रसारित करेंगे।

सरकारी नौकरी क्यों जरूरी है? निजीकरण की तमाम बहस के बावजूद सरकारी नौकरी का मोह जाता नही, क्यूं??

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सरकारी नौकरी क्यों जरूरी है?

  1. निजीकरण की तमाम बहस के बावजूद सरकारी नौकरी का मोह जाता नही, क्यूं??

वजह ये है कि सरकारी नौकरी एक तिलिस्मी चाभी है जो एक निम्नवर्गीय व्यक्ति को भी समाज के इलीट क्लास में पहुचने का रास्ता दिखाता है,
सदियों से जो दबे कुचले वंचित गरीब रहे है, जिनके बाप बड़े व्यवसायी, किसान, प्रोपर्टी होल्डर नही है, जो बेटे को बड़ी विरासत दे जाएं, और कहें बेटा डर मत मैं हूं न तुम्हारा भविष्य सिक्योर है,

सरकारी नौकरी उन लोगो की लाइफलाइन और जीवन को बेहतर बनाने का मौका है,, जो जानते है कि उनके पास इतनी पूंजी नही की बडा व्यवसाय खड़ा कर सके, 4 दुकान किराए पर लगाकर बिना मेहनत कमा खा सके,,और इज्जत के साथ जी सके,,
वो आम आदमी ये जानता है, की अपना अतीत और माता पिता वो बदल नही सकता, पर उसकी मेहनत और सरकारी नौकरी उसकी किस्मत बदल सकती है,

इसलिए वो हाड़तोड़ परिश्रम करता है, जिस युवा दौर में उसके साथी, महंगी बाइक कार में सड़क के चौराहों रेस्टोरेंट में लड़कियां घुमा रहे होते है, वो अल्लाहाबाद के 600 से 1000 के कमरे में रात 2 बजे तक अपनी आँखें खराब कर रहा होता है, मैकडोनाल्ड डोमिनोज़ कौन कहे, सड़क के ढाबे पर खाने के पहले भी दो बार सोचता है कि उसके पिता कैसे ये सब खर्च मैनेज कर रहे होंगे,
वो जिंदगी का सबसे बड़ा दाव खेलता है, जो बड़े बड़े दिग्गजों के बस की नही होती, 18 साल से 30 साल की गोल्डन age बन्द कमरों की किताबों पर कुर्बान कर देता है, बिना यह सोचे कि जॉब नही मिली तो वो क्या करेगा,, साहब जिंदगी के 18 20 साल सिर्फ एक उम्मीद पर झोंक देना मज़ाक नही होता,,

ऐसा भी नही होता कि सब सफल हो,, दहाई और सैकड़ो की संख्या में सीट होती है, और लाखों की संख्या में फॉर्म होते है,
जनरल sc st और घपले रिश्वत कोर्ट का रिस्क होता है, फिर भी वो लड़ता है, सिर्फ एक उम्मीद पर, की जॉब मिल जाएगी और लाइफ संवार जाएगी,

इसलिए सरकारी नौकरी वालो को दी जाने वाली सैलरी उनके 15 20 साल के तप का फल है
उनकी जॉब उनके इलीट क्लास में घुसने का रास्ता है, क्योंकि जॉब मिलते ही, वो दोस्त जो नजरें चुरा कर निकल जाते थे, वो गर्व से बताते है कि मेरा दोस्त आईएएस बन गया, यार काम करवा दो,
जिन घरों की दहलीज पर घुस नही सकते थे, वहाँ से शादी के रिश्ते आने लगते है,
जिन्होंने कभी आपके बाप से भी तू कह कर बात की हो,, वो आप कहने लगते है,,

जिन घरों में खाने को ठीक से अनाज नही होता था, वो भी एयरपोर्ट पर 135/- की चाय पिते है,,

साहब,अमीरों को फर्क नही पड़ता, उनकी लाइफ को बेहतर बनाने के 100 रास्ते वो खुद बना सकते है, या सरकार या जुगाड़ बना देती है
पर गरीब का क्या वो तो ले देकर सरकारी नौकरी को ही अपनी सबसे बड़ी सीढी समझता है,,

निजीकरण अच्छा हो सकता है,, पर क्या वो गरीब को ये सम्मान दे पाएगा,,
क्या निजीकरण के बाद एक गरीब का बच्चा महंगे कॉलेज से mbbs md इंजीनियर अफसर बन पाएगा,,

अगर नही, तो सरकारी संस्थानों के निजीकरण को रोकिए,,
इसलिए नही क्योंकि आप गरीब है,,
इसलिए भी क्योंकि आप मिडिल क्लास है, और ये निजीकरण एक ऐसे व्यवस्था बनाता है, जिसमे अमीर और ताकतवर होते जाते है, और बाकी कमजोर,,
भरोसा न हो तो प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की फी पता कर लीजियेगा,,और अपनी जेब टटोलकर देखिएगा की बच्चे को एडमिशन दिला पाएंगे क्या???
जवाब अपने आप मिल जाएगा कि सरकारी संस्थान क्यों जरूरी है,,

मैं बात समाप्त करूँ उससे पहले मैं छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार का अभिनंदन करना चाहूंगा जिसने इस कठिन दौर में 15 हजार नियमित शिक्षकों की भर्ती की, इसके अतिरिक्त असिस्टेंस प्रोफेसर, डॉक्टर्स, खेल इत्यादि कई क्षेत्रों में सरकारी नौकरियों के सृजन किया है।

ईश्वर नरेंद्र मोदी जी को सद्बुद्धि दे।

अधि. प्रवीण जैन
9329484701

करोड़ो युवाओं को रोजगार, देश में खुशहाली और सौहाद्रपूर्ण वातावरण : मोदी जी के जन्मदिवस पर कसा तंज

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  • मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश में खुशहाली और सौहाद्रपूर्ण वातावरण, युवाओं में जबरजस्त उत्साह..?

जन्मदिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं आदरणीय मोदी जी।
आपके कुशल नेतृत्व के कारण ही आज देश में खुशहाली हैं। जिस प्रकार आपने नोटबन्दी की उससे आतंकवाद व नक्सलवाद की कमर टूट गई, कालाधन खत्म हो गया, कैशलैस अर्थव्यवस्था हो गई, आपके द्वारा लाई गई GST से व्यापरियों को राहत पहुंची देश का व्यापार बढ़ गया, एक राष्ट्र एक टेक्स का सपना पूरा हुआ, आपके अचानक किये लॉकडाउन से देश के मजदूरों की मदद की उनके घर जाने का कुशल प्रबंध किया, उन्हें उचित भोजन आवास की सुविधा प्रदान कराई, जिसके कारण किसी मजदूर की मौत नहीं हुई, कोई पैदल नहीं चला कोई भूखा नहीं सोया किसी बच्चे के पैर में छाले नहीं पड़े कोई मालगाड़ी से कटा नहीं..? कोरोना से देश के हालात अन्य मुल्कों से काफी बेहतर है मौत का आंकड़ा भी ना के बराबर है।
आपके युवा सोच के कारण ही आज देश में कोई युवा बेरोजगार नहीं, किसी की नौकरी भी नहीं गई, करोड़ों नई नौकरियों के सृजन आपने किया, अर्थव्यवस्था भी मजबूत हैं। देश में आज भाईचारे का माहौल है, धर्म व जातिय सद्भावना है, दिल्ली मे कोई दंगे नही हुये, किसानों मजबूत व खुशहाल है, मध्यप्रदेश में किसानों को गोली नही मारी गई, हरियाणा में लाठियां नहीं बरसाई गई, असम बिहार में बाढ़ ही नहीं आई इसलिए राहत पैकेज की जरूरत ही नहीं पड़ी, महंगाई तो छूमंतर हो गई हैं, आपने डॉलर रुपया बराबर कर दिया, पैट्रोल पानी के भाव हो गए और गरीबों के अच्छे दिन भी आ गए हैं, माध्यम वर्ग के ऊपर कोई अतिरिक्त भर नही आया, अडानी अम्बानी से ज्यादा आपको देशवासियों की चिंता है, आपके कुशल नेतृत्व में आप देश की धरोहरों और भारत के उपक्रमों को नही बेच रहे, बल्कि सरकारी कंपनियां दिन दुगनी प्रगति कर रही हैं, BSNL में नई भर्तियां हो रही है, आपके नेतृत्व में देश के पड़ोसियों से भी अच्छे ताल्लुकात बन गए हैं, चाइना कपकपा रहा है, पाकिस्तान की कमर तो आपने टमाटर निर्यात पर रोक लगा कर ही तोड़ दिए, नेपाल ने हमारे किसी नागरिक को नही मारा, भूटान पानी नही रोक पाया, चाइना ने हमारी जमीन नही कब्जा कर पाया और उससे युद्ध की कोई संभावना ही नही, देश के 14 पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किये कराये पर आपने कभी पानी नही फेरा बल्कि उनके कामों को आपने आगे बढ़ाया, देश सुरक्षित हाथों में है…?

राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस की हार्दिक बधाई।

अधि. प्रवीण जैन
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी स्पोर्ट्स सेल

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के 14,580 पदों की भर्ती के संबंध में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश । बेरोजगार युवाओं के हित में लिया बड़ा कदम : कहा जल्द भर्ती प्रकिया पूरी करें

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मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के 14,580 पदों की भर्ती के संबंध में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश । बेरोजगार युवाओं के हित में लिया बड़ा कदम : कहा जल्द भर्ती प्रकिया पूरी करें

रायपुर, 07 सितम्बर 2020, 20.10 hrs : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट काल में बेरोजगार युवाओं को राहत देने के लिए उनके हित में एक और बड़ा कदम उठाया है । उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 14 हजार 580 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं ।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग द्वारा विज्ञापित पदों की भर्ती में हो रहे विलंब को गंभीरता से लिया है । उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर कड़ी अप्रसन्नता जाहिर की है । उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है । मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि विज्ञापित पदों पर भर्ती के संबंध में पूरी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि शिक्षा विभाग के विज्ञापित पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए । उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि भर्ती की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन पदों के लिए व्यापम द्वारा ली गई परीक्षा के रिजल्ट की वैधता में एक वर्ष की अतिरिक्त वृद्धि की गई है । इस सबंध में मंत्रालय से आदेश जारी कर किए जा चुके हैं ।

उल्लेखनीय है कि लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च 2019 को 14,580 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था । इस विज्ञापन की कण्डिका में यह उल्लेख था कि व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची, परीक्षाफल जारी होने के दिनांक से एक वर्ष तक वैद्य होगी । कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण वर्तमान में भर्ती की कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है, इसलिए विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल की सूची की वैधता को एक वर्ष और बढ़ा दिया गया है ।

हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’

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हमारा संविधान हर समुदाय को न्याय देने का आधार: भूपेश बघेल

हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’

  • गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आजीविका और समृद्धि का माध्यम
  • कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं, बचाव के लिए सावधानी जरूरी
  • लोकवाणी की नवीं कड़ी: रेडियो वार्ता के जरिए मुख्यमंत्री आम जनता से हुए रू-ब-रू
  • रेडियो श्रोताओं से ‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’ विषय पर चर्चा

रायपुर, 09 अगस्त 2020 : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की नवीं कड़ी के माध्यम से आम जनता से रूबरू हुए। उन्होंने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस और विश्व आदिवासी दिवस का विशेषरूप से उल्लेख करते हुए इनके महत्व की चर्चा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

बघेल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आज के ही दिन वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरु करने की घोषणा की और ‘करो या मरो’ का नारा दिया। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’

मुख्यमंत्री ने रेडियो श्रोताओं के साथ ‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’ की व्यापक अवधारणा और स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान दौर में इसके क्रमशः विकास और आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, जरूरतमंदों सहित सभी वर्गाें के लिए न्याय योजना को धरातल पर उतारने के राज्य सरकार के संकल्प को साझा करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था।

भारत की आजादी ने न सिर्फ भारतीयों की जीवन में न्याय की शुरूआत की, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया। भारत माता को फिरंगियों की गुलामी से मुक्त कराना ही न्याय की दिशा में सबसे बड़ी सोच और सबसे बड़ा प्रयास था। दुनिया ने देखा है कि किस प्रकार हमारा संविधान समाज के हर समुदाय को न्याय देने का आधार बना। आम जनता को समानता के अधिकार, अवसर और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के सिद्धांत के आधार पर अन्याय की जंजीरों से मुक्ति दिलाई गई।

श्री बघेल ने कहा कि आज जब कोरोना संकट के कारण देश और दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में है तब ‘न्याय’ की यही अवधारणा संकटग्रस्त लोगों के जीवन का आधार बन गई है, जिससे लोगों की जेब में सीधे धन राशि जाए और जो ऋण के रूप में नहीं, बल्कि उन्हें सीधे मदद के रूप में हो। श्री राहुल गांधी जी ने देश और दुनिया के विख्यात अर्थशास्त्रियों से विचार-विमर्श करते हुए ‘न्याय’ की इस अवधारणा को प्रतिपादित किया और इसे जमीन पर उतारने का आह्वान किया। मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि छत्तीसगढ़ में हमने इस न्याय योजना के विविध आयामों पर कार्य करना और एक-एक कर उन्हें जमीन पर उतारना शुरू किया है।

किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल भुगतान कर वादा निभाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 दिसम्बर 2018 को सरकार बनते ही हमने, पहले दिन से वादा निभाने की शुरूआत कर दी थी। हमने किसानों को 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से तत्काल प्रभाव से भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी। वर्षों से लंबित 17 लाख 82 हजार किसानों का 8 हजार 755 करोड़ रू. कृषि ऋण माफ कर दिया गया। हमने 244 करोड़ रू. का सिंचाई कर माफ कर दिया था। लोहंडीगुड़ा में 1700 से अधिक आदिवासी किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापिस कर दी। हमने तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रू. प्रति मानक बोरा कर दिया।

वनवासियों के लिए न्याय का व्यापक स्वरूप: 31 वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और निरस्त वन अधिकार पट्टों की समीक्षा का फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनांचल में रहने वाले लोगों को कोरोना संकट काल में राहत देने के लिए प्रदेश में 7 से बढ़कर 31 वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। और हमारा अनुमान है कि आगे चलकर 2500 करोड़ रू की राशि आदिवासियों तथा अन्य वन आश्रित परिवारों को साल भर में मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी -वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम-2006 एक मील का पत्थर था। लेकिन छत्तीसगढ़ में 12 वर्षों में इसकी जो उपेक्षा की गई वह किसी से छिपी नहीं है। निरस्त दावों का पहाड़ लगा दिया गया था। हमने न्याय को बहुत व्यापक रूप से समझा और पूर्व सरकार द्वारा निरस्त वन अधिकार पट्टों की समीक्षा का फैसला लिया। इस प्रकार अब बड़ी संख्या में व्यक्तिगत तथा सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिये जा रहे हैं।

सामाजिक न्याय देने जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की मुक्ति का निर्णय

श्री बघेल ने कहा कि सामाजिक न्याय देने के लिए हमने जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की मुक्ति का निर्णय लिया। झीरम घाटी में हुए हत्याकांड में शहीद परिवारों को न्याय दिलाने का फैसला लिया और इस फैसले को अंजाम तक पहुंचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस तरह हमने समाज के हर वर्ग को शोषण और अन्याय से मुक्त कराने की दिशा में कार्य किया है।

किसानों को अन्याय से बचाने ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ की शुरूआत

मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा कि पहले साल धान के किसानों को 2500 रूपए प्रति क्ंिवटल का दाम देने के बाद जब दूसरा साल आया तो एक बड़ी बाधा सामने आ गई। हमने करीब 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर एक नया कीर्तिमान बनाया, इन किसानों को 2500 रू. की दर से भुगतान किया जाना था लेकिन केन्द्र सरकार ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। ऊपर से यह कहा गया कि यदि हमने केन्द्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से अधिक दर दी तो सेन्ट्रल पूल के लिए खरीदी बंद कर दी जायेगी।

इस तरह फिर एक बार हमारे किसान अन्याय की चपेट में आ जाते। ऐसी समस्या के निदान के लिए हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने की घोषणा की। हमारी मंशा थी कि किसानों को कर्ज से नहीं लादा जाये बल्कि उनकी जेब में नगद राशि डाली जाए। इस तरह समग्र परिस्थितियों पर विचार करते हुए हमने सिर्फ धान ही नहीं बल्कि मक्का और गन्ना के किसानों को भी बेहतर दाम दिलाने की बड़ी सोच के साथ ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू की।

हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’

बघेल ने कहा कि राजीव गांधी कहा करते थे, यदि किसान कमजोर हो जायेगा तो देश अपनी आत्मनिर्भरता खो देगा। किसानों के मजबूत होने से ही देश की स्वतंत्रता भी मजबूत होती है। इस तरह से देखिए तो एक बार फिर स्वतंत्रता, स्वावलंबन और न्याय के बीच एक सीधा रिश्ता बनता है। निश्चित तौर पर यह एक बड़ी योजना है, जिसके माध्यम से धान, मक्का और गन्ना के 21 लाख से अधिक किसानों को 5700 करोड़ रूपए का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जाना है।

हमने तय किया 5700 करोड़ रू. की राशि का भुगतान 4 किस्तों में करेंगे। जिसकी पहली किस्त 1500 करोड़ रू. 21 मई को किसानों की खाते में डाल दी गई है। 20 अगस्त को राजीव जी के जन्म दिन के अवसर पर दूसरी किस्त की राशि भी किसानों के खाते में डाल दी जायेगी। इस तरह राजीव गांधी किसान न्याय योजना हमारी न्याय दिलाने की विरासत से सीधी तौर पर जुड़ जाती है। उन्होंने कहा कि हमने ‘भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ की घोषणा की है ताकि ऐसे ग्रामीण परिवारों को भी कोई निश्चित, नियमित आय हो सके, जिनके पास खेती के लिए अपनी जमीन नहीं है।

गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आजीविका और समृद्धि का माध्यम

मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के संबंध में रेडियोवार्ता में कहा कि हमने न्याय योजनाओं के क्रम में गोधन न्याय योजना को ग्रामीण जन-जीवन, लोक आस्था ही नहीं बल्कि सीधे आजीविका और समृद्धि का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी अगर छत्तीसगढ़ की चिन्हारी है तो गौ माता हमारी भारतीयता की, भारतीय संस्कृति की, भारतीय लोक आस्था की और हमारी एकता तथा सद्भाव की भी चिन्हारी है। जब हमने गोबर को गोधन बनाने का फैसला किया तो कथित विशेषज्ञों और राजनेताओं के एक वर्ग ने इसका पुरजोर विरोध किया।

गोबर से तो हमारे घर आंगन लीपे जाते हैं, गोबर को अपने घर की दीवारों पर थापकर हम कंडे बनाते हैं। गोबर से बेहतर जैविक खाद और कोई नहीं है। गौ मूत्र और गौ माता के उपकारों का मोल तो हो ही नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना को हमने छत्तीसगढ़ के हर गांव में गौठान बनाने की योजना के साथ जोड़ा है। हरेली से प्रदेश में गोधन न्याय योजना की शुरूआत करने का अपना विशेष महत्व है। किसानों से गोबर खरीदने की सरकारी दर 2 रूपये प्रति किलो तय की गई है। गौठानों को गोबर खरीदी के लिए सुविधा सम्पन्न बनाया जायेगा।

गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तथा लैम्प्स के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट को 8 रू. प्रति किलो की दर से किसानों को बेचा जायेगा। अल्पकालीन कृषि ऋण के अंतर्गत सामग्री घटक में जैविक खाद के रूप में वर्मी कम्पोस्ट शामिल करने का निर्णय लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने हर गांव में गौठान बनाने का संकल्प लिया है। अभी तक 5300 गौठान स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से लगभग 2800 गौठानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

गोधन न्याय योजना से गौ पालन, गौ सुरक्षा, खुली चराई पर रोक, जैविक खाद का उपयोग, इससे जमीन की उर्वरता और पवित्रता में वृद्धि, रसायन मुक्त खाद्यान्न के उत्पादन में तेजी, गोबर संग्रह में तेजी से स्वच्छता का विकास, जैसे अनेक लक्ष्य हासिल होंगे। संग्रहित गोबर से जैविक खाद के अलावा अन्य रसायन मुक्त उपयोगी सामग्रियों के निर्माण से ग्रामीण अंचल की विभिन्न प्रतिभाओं को नवाचार का अवसर मिलेगा। साथ ही पर्यावरण के प्रति दुनिया की बहुत बड़ी चिंता और समस्या का समाधान भी हमारी गोधन न्याय योजना करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमारे वेद-पुराणों ने, महात्मा गांधी, पं. नेहरू, डॉ. अम्बेडकर जैसे मनीषियों ने हमारी विरासत, हमारी संस्कृति को साथ लेकर सर्वधर्म-समभाव के साथ देश को आगे बढ़ाने का सपना देखा था, वह सपना, हमारी ‘गोधन न्याय योजना’ से पूरा होगा।

हमारे किसान भाई, बहन अर्थव्यवस्था के संचालक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान भाई, बहन तो अर्थव्यवस्था के संचालक हैं, संवाहक हैं, उन्हें बिना वजह ही अर्थव्यवस्था में बाधक कहकर बदनाम किया गया था। हमारे गांव के लोगों में बड़ी उदारता होती है वे जानते हैं कि उन्हें मिले पैसे सन्दूक में बंद करके रखने के लिए नहीं हैं। वे जानते हैं कि उन्हें मिली राशि समाज के अन्य वर्गों तक किस तरह पहुंचती है, इसलिए वे संग्रह नहीं करते बल्कि जरूरी चीजों पर खर्च करते हैं। किसानों, ग्रामीणों के पैसे से गांव के बहुत से काम-धंधे चलते हैं, हमारी इस सोच और विश्वास को देश के बड़े-बड़े विद्वानों, अर्थशास्त्रियों, स्वतंत्र संस्थाओं ने प्रमाणित किया है। जो लोग पहले किसानों पर, आदिवासियों पर, ग्रामीणों पर, हमारे द्वारा किये जा रहे खर्च पर आश्चर्य जताते थे, वे अब इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि अर्थव्यवस्था का यह मॉडल पहले क्यों नहीं सूझा था। अब तो यह प्रमाणित हो गया है कि गांवों से निकली राशि से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बचाया और बढ़ाया जा सकता है।

कुपोषण मुक्ति, कोरोना काल में 8 माह निःशुल्क अनाज का इंतजाम, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी और रोजगार की पहल से जरूरतमंदों को मिला न्याय

मुख्यमंत्री ने कहा है कि लॉकडाउन के दौर में जहां देश और दुनिया में बेरोजगारी भयंकर बढ़ी है। तालेबंदी के कारण अर्थव्यवस्था ध्वस्त है वहीं छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 की तुलना में जीएसटी का संग्रह 22 फीसदी बढ़ा है। 2019 की तुलना में भूमि का पंजीयन 17 प्रतिशत बढ़ा है। वाहनों की खरीदी अलग-अलग महीनों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के समय कृषि और संबंधित कार्यों में तेजी बनी रही।

लघु वनोपज उपार्जन का मामला हो या मनरेगा के तहत काम देने का, लघु वनोपज संग्रह के लिए पारिश्रमिक देने का मामला हो या मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी भुगतान का, हर मामले में छत्तीसगढ़ आगे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी जनहितकारी और जन न्याय देने वाली योजनाओं के कई आयाम हैं। कुपोषण मुक्ति, मलेरिया नियंत्रण, हाट बाजार में इलाज, कोरोना काल में लगभग 8 माह तक निःशुल्क अनाज देने का इंतजाम, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी तथा उनको रोजगार प्रदाय आदि हर पहल से अलग-अलग तरह से न्याय मिला है। इस तरह यह साबित होता है कि किसानों और गांवों का भला करने से सबका भला होता है।

कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं, बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी

मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में प्रदेशवासियों को कोरोना संकट से आगाह करते हुए कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है, इससे बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है। कोरोना, कोविड-19 नियंत्रण के मामले में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है, घर से निकलते समय फेस मास्क, फेस कव्हर, फेस शील्ड आदि जो संभव हो, वह साधन अपनाएं। फिजिकल दूरी का पालन करें, भीड़ से बचें, साबुन से हाथ धोने, बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलने से बचें और सुरक्षा के हर संभव उपाय करें।

बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को दिया निर्णायक मोड़: अगस्त क्रांति दिवस पर की ‘भारत छोड़ो आंदोलन‘ शुरू करने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त क्रांति दिवस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों द्वारा अंग्रेजों का साथ देने के बाद भी, जब अंग्रेजों ने आजादी देने में हील-हवाला किया, तब अहिंसा के पुजारी, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 9 अगस्त 1942 से न सिर्फ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करने की घोषणा की, बल्कि ‘करो या मरो’ का नारा भी दिया। 8 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई सत्र में बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक मोड़ देते हुए कहा था-‘‘भारत अर्थात् मानवता के इस विशाल सागर को संसार की मुक्ति के कार्य की ओर तब तक कैसे प्रेरित किया जा सकता है, जब तक कि उसे स्वयं स्वतंत्रता की अनुभूति नहीं हो जाती ?

यदि भारत की आंखों की चमक को वापस लाना है, तो स्वतंत्रता को कल नहीं बल्कि आज ही आना होगा। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था। इसने भारत की आजादी और दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया।

पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देखा था हर एक के लिए न्याय सुनिश्चित करने का सपना

श्री बघेल ने आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के 14 अगस्त की मध्य रात्रि और 15 अगस्त 1947 की पहली घड़ी में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि – पंडित नेहरू ने आजादी की पहली किरण के साथ कहा था-‘‘ये हमारे लिए एक सौभाग्य का क्षण है, एक नये तारे का उदय हुआ है, पूरब में स्वतंत्रता का सितारा। एक नयी आशा कभी धूमिल न हो। हम सदा इस स्वतंत्रता में आनंदित रहें। भविष्य हमें बुला रहा है। हमें किधर जाना चाहिए और हमारे क्या प्रयास होने चाहिए, जिससे हम आम आदमी, किसानों और कामगारों के लिए स्वतंत्रता और अवसर ला सकें। हम गरीबी, अज्ञानता और बीमारियों से लड़ सकें। हम एक समृद्ध, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील देश का निर्माण कर सकें और हम ऐसी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं की स्थापना कर सकें, जो हर एक आदमी-औरत के लिए जीवन की परिपूर्णता और न्याय सुनिश्चित कर सके।

मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि इसलिए आज जब हम न्याय की बात करते हैं, तब एक पूरी पृष्ठभूमि हमारी नजरों के सामने आती है। हमारे पुरखों का त्याग और बलिदान हमें याद रहता है, जो न्याय की बुनियाद है। इसी हफ्ते हम अपनी देश की आजादी की 73वीं सालगिरह मनाने वाले हैं। ये 73 साल, जन-जन को न्याय दिलाने के लिए उठाये गये कदमों के साक्षी हैं। 9 अगस्त को हम आदिवासी समाज के विकास के संकल्पों के लिए भी याद करते हैं। 9 अगस्त 1982 को संयुक्त राष्ट्रसंघ ने ‘विश्व आदिवासी’ दिवस घोषित किया था। इसके माध्यम से 38 वर्ष पहले आज के दिन दुनिया में अनुसूचित जनजाति के सम्मान और विकास के लिए नए लक्ष्य तय किये गए थे। अब यह देखने और समीक्षा करने का अवसर भी है कि आदिवासी समाज के उत्थान की दिशा और दशा कैसी है। इस ओर कैसे तेजी से प्रगति हो। इस तरह 9 अगस्त हमें न्याय के अनेक स्वरूपों से जोड़ता है। इस दिन के लिए मैं प्रदेश की जनता और विशेष रूप से आदिवासी समाज को बधाई देता हूं।

Dassault Rafale “चौकीदार ही असली चोर है”

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राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप भारत पहुंच चुकी है। राफेल के आने से भारत की ताकत में इजाफा माना जा रहा है। इससे पहले, जब राफेल विमान के पहले बैच ने भारतीय वायुसीमा में प्रवेश किया तो उनकी सुरक्षा में दो SU30 MKI विमान आसमान में पहुंच गए थे। ये पांचों विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तय कर अंबाला एयरबेस पहुंचे हैं।

देश के प्रत्येक नागरिक में एक सवाल उठ रहा है कि

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CG OLYMPIC SANGH

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छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में पेशेवर, महिला व दिव्यांग सभी वर्गों के खिलाड़ियों को समाहित किया जाये: प्रवीण जैन

 

121 महिला व 51 पुरुष खिलाड़ियों की सूची मुख्यमंत्री श्री बघेल को भेजी

रायपुर:- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के प्रदेश अध्यक्ष अधि. प्रवीण जैन ने नव निर्वाचित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्वाचन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि अब छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के दिन बहुरेंगे। श्री जैन ने मुख्यमंत्री बघेल सहित श्री पी.एल पुनिया, श्री मोहन मरकाम, श्री राजेश तिवारी, श्रीमती सकुन डहरिया, श्री विनोद चंद्राकर उपाध्यक्ष, श्री देवेंद्र यादव, श्री बसीर अहमद खान, श्री गुरुचरण सिंह होरा को भेजे संयुक्त पत्र में मांग की है कि ऐसे खिलाड़ी जो काफी समय से खेल के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहें हैं, जिन्होंने प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के माध्यम से खेल और खिलाड़ियों की सेवा की है तथा पूरी सक्रियता और ईमानदारी के साथ हजारों खिलाड़ियों को संगठन से जोड़कर खेल को प्रोत्साहित करने में हमारी मदद करते रहे हैं, इन सभी खिलाड़ियों को इनकी सच्ची सेवा और समर्पण का प्रतिफल देते हुए प्राथमिकता के साथ छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में जिला अथवा प्रदेश पदाधिकारी अविलंब बनाया जाना चाहिए। प्रवीण जैन ने अपने पत्र में यह भी मांग रखी है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने हुनर का जौहर मनवा चुकी महिला व दिव्यांग खिलाड़ियों को भी पर्याप्त मात्रा में प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। जिससे सभी वर्गों को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में समाहित कर सबके अनुभव, सहयोग व योगदान से प्रदेश को खेल के क्षेत्र में शिखर पर पहुंचाया जा सके। सूची इस प्रकार से है:-
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के सम्माननीय पदाधिकारीगण:-
1, शैलेन्द्र प्रताप सिंहदेव अम्बिकापुर
2, भविष्य चंद्राकर अगरतला
3, मनोज यादव जांजगीर-चाम्पा
4, अब्दुल कादिर कुरैशी राजनांदगांव
5, कुलदीप कुलांजकर राजनांदगांव
6, आकाश राव कांकेर
7, नमन झाबक भानुप्रतापपुर
8, राजेश शुक्ला रायगढ़
9, गोल्डी मिथुन नायक सारंगढ़
10, निर्मल बरडिया महासमुन्द
11, दिलीप सोनी मुंगेली
12, अशोक साहू रायपुर
13, विनीत विशाल जायसवाल सरगुजा
14, आकाश राठौर नारायणपुर
15, विलियम भंवर बालोद
16, निर्मल सिंह कोरबा
17, आलोक ठाकुर दुर्ग
18, मोहम्मद रिजवान पाटन
19, ख्वाजा अहमद भिलाई
20, बिप्लव मल्लिक दंतेवाड़ा
21, राजेश जैन सूरजपुर
22, अजित गुप्ता बलरामपुर
23, उस्मान खान बिलासपुर
24, नीरज राजा अवस्थी बिलासपुर
25, जगजीत सिंह बेमेतरा
26, मोहम्मद इमरान रायपुर ग्रामीण
27, पीयूष डागा रायपुर शहर
28, प्रमोद लुनिया कवर्धा
29, मनोज तिवारी बलौदाबाजार
30, बलराम यादव जगदलपुर
31, योगेंद्र पांडेय बस्तर
32, हरमेश चावड़ा गरियाबंद
33, राजेश बाफना बीजापुर
34, अमरिंदर सिंह वामा रायपुर
35, प्रफुल जैन कोरिया
36, सुमित सिंह भिलाई
37, राजेन्द्र सिंह भिलाई
38, अरशद हुसैन रायपुर
39, रूपेंद्र सिंह ठाकुर बिलासपुर
40, प्रवीण उपाध्याय भिलाई

प्रदेश भर की अंतराष्ट्रीय-राष्ट्रीय महिला वर्ग की खिलाड़ी जिन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है:-

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Chhattisgarh Olympic Sangh

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छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में पेशेवर, महिला व दिव्यांग सभी वर्गों के खिलाड़ियों को समाहित किया जाये: प्रवीण जैन

108 महिला व 51 पुरुष खिलाड़ियों की सूची मुख्यमंत्री श्री बघेल को भेजी

रायपुर:- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के प्रदेश अध्यक्ष अधि. प्रवीण जैन ने नव निर्वाचित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्वाचन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि अब छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के दिन बहुरेंगे। श्री जैन ने मुख्यमंत्री बघेल सहित श्री पी.एल पुनिया, श्री मोहन मरकाम, श्री राजेश तिवारी, श्रीमती सकुन डहरिया, श्री विनोद चंद्राकर उपाध्यक्ष, श्री देवेंद्र यादव, श्री बसीर अहमद खान, श्री गुरुचरण सिंह होरा को भेजे संयुक्त पत्र में मांग की है कि ऐसे खिलाड़ी जो काफी समय से खेल के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहें हैं, जिन्होंने प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के माध्यम से खेल और खिलाड़ियों की सेवा की है तथा पूरी सक्रियता और ईमानदारी के साथ हजारों खिलाड़ियों को संगठन से जोड़कर खेल को प्रोत्साहित करने में हमारी मदद करते रहे हैं, इन सभी खिलाड़ियों को इनकी सच्ची सेवा और समर्पण का प्रतिफल देते हुए प्राथमिकता के साथ छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में जिला अथवा प्रदेश पदाधिकारी अविलंब बनाया जाना चाहिए। प्रवीण जैन ने अपने पत्र में यह भी मांग रखी है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने हुनर का जौहर मनवा चुकी महिला व दिव्यांग खिलाड़ियों को भी पर्याप्त मात्रा में प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। जिससे सभी वर्गों को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में समाहित कर सबके अनुभव, सहयोग व योगदान से प्रदेश को खेल के क्षेत्र में शिखर पर पहुंचाया जा सके। सूची इस प्रकार से है:-
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के सम्माननीय पदाधिकारीगण:-
1, शैलेन्द्र प्रताप सिंहदेव अम्बिकापुर
2, भविष्य चंद्राकर अगरतला
3, मनोज यादव जांजगीर-चाम्पा
4, अब्दुल कादिर कुरैशी राजनांदगांव
5, कुलदीप कुलांजकर राजनांदगांव
6, आकाश राव कांकेर
7, नमन झाबक भानुप्रतापपुर
8, राजेश शुक्ला रायगढ़
9, गोल्डी मिथुन नायक सारंगढ़
10, निर्मल बरडिया महासमुन्द
11, दिलीप सोनी मुंगेली
12, अशोक साहू रायपुर
13, विनीत विशाल जायसवाल सरगुजा
14, आकाश राठौर नारायणपुर
15, विलियम भंवर बालोद
16, निर्मल सिंह कोरबा
17, आलोक ठाकुर दुर्ग
18, मोहम्मद रिजवान पाटन
19, ख्वाजा अहमद भिलाई
20, बिप्लव मल्लिक दंतेवाड़ा
21, राजेश जैन सूरजपुर
22, अजित गुप्ता बलरामपुर
23, उस्मान खान बिलासपुर
24, नीरज राजा अवस्थी बिलासपुर
25, जगजीत सिंह बेमेतरा
26, मोहम्मद इमरान रायपुर ग्रामीण
27, पीयूष डागा रायपुर शहर
28, प्रमोद लुनिया कवर्धा
29, मनोज तिवारी बलौदाबाजार
30, बलराम यादव जगदलपुर
31, योगेंद्र पांडेय बस्तर
32, हरमेश चावड़ा गरियाबंद
33, राजेश बाफना बीजापुर
34, अमरिंदर सिंह वामा रायपुर
35, प्रफुल जैन कोरिया
36, सुमित सिंह भिलाई
37, राजेन्द्र सिंह भिलाई
38, अरशद हुसैन रायपुर
39, रूपेंद्र सिंह ठाकुर बिलासपुर
40, प्रवीण उपाध्याय भिलाई

प्रदेश भर की अंतराष्ट्रीय-राष्ट्रीय महिला वर्ग की खिलाड़ी जिन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है:-

1, अंजिता आदले बिलासपुर
2, नीतू सिंह राजपूत रायगढ़
3, मालती गायकवाड़ रायपुर
4, संध्या शर्मा मुंगेली
5, बलविंदर कौर कांकेर
6, पूजा मरकाम रायपुर
7, प्रीति वर्मा रायपुर
8, मनीषा आदित्य जांजगीर-चाम्पा
9, अनिता यादव रायपुर
10, पुष्पा कंवर बलौदा
11, निरूपा श्रीवास राजनांदगांव
12, सुहानी यादव रायपुर
13, सोनम बानो कोरिया
14, सविता निषाद महासमुन्द
15, नेहा जायसवाल कटघोरा
16, भाविका पांडेय रायगढ़
17, अनामिका शुक्ला कोरबा
18, ज्योति साहू रायपुर
19, माया राठौर बिलासपुर
20, जया मित्तल रायपुर
21, उष्मा पटेल कोरबा
22, अंजू जोशी रायगढ़
23,. रेहाना फातिमा कोरबा
24 चांदनी बंजारे जांजगीर
25, सिमरन ध्रुव रायपुर
26 टिकेश्वरी साहू रायपुर
27, श्रद्धा दानी रायपुर
28, संध्या बरेठ जांजगीर
29, दिव्यानी सिया जशपुर
30, अमिता खड़िया रायगढ़
31, सोनल यादव रायगढ़
32 गंगीता पैकरा बिलासपुर
33, पार्वती सोनकर रायपुर
34, पायल दांडेकर भिलाई
35, अंजली खलखो बिलासपुर
36, निकिता शाह रायपुर
37, ममता विजय रायगढ़
38, सन्तोषनी खड़िया रायपुर
39, रीना चौरसिया जांजगीर
40, नीलिमा जैन रायपुर
41, सविता यादव बिलासपुर
42, पूजा यादव रायपुर
43, जयश्री हुमने बिलासपुर
44, गुंजा केशरवानी बिलासपुर
45, मकसूदा हुसैन जगदलपुर
46, ज़ेबाखां उतई दुर्ग
47, दीपिका तिवारी रायपुर
48, अन्नपूर्णा टिकरिहा बेमेतरा
49, शिवांगी ठाकुर रायपुर
50, नंदिता महंत कोरबा 41
51, श्वेता गुप्ता बिलासपुर
52, सरस्वती यादव जांजगीर चांपा
53, अंजुम खान सरायपाली
54, अपर्णा चक्रबर्ति भिलाई
55, लालिमा पटेल रायगढ़
56, पूजा नायक पेंड्रा-गौरेला-मरवाही
57, मनीषा विश्वकर्मा कोरबा
58, लता ढिंढे भिलाई
59, प्रियंका साहू दल्ली राजहरा
60, रोशनी चतुर्वेदानी बिलासपुर
61, गंगोत्री साहू बिलासपुर
62, मोनिका पटेल जांजगीर
63, पूर्णिमा नेताम कोरबा
64 भुनेश्वरी निषाद धमतरी
65, जया साहू भिलाई
66, योगेश्वरी साहू बालोद
67,एकता जंघेल राजनांदगांव
68, परवीन बानो रायपुर
69, रजनी लहरे कोरबा
70, केदारेश्वरी भिलाई
71, बिन्ती अग्रवाल कोरिया
72, आनुशा आदित्य जांजगीर-चाम्पा
73, पूजा महिलांगे बिलासपुर
74, रशमी कश्यप बिलासपुर
75, लालिमा पटेल राजगढ़
76, श्रिस्टी शर्मा बिलासपुर
77, प्रतिभा यादव रायपुर
78, ममता औधेलिया बिलासपुर
79, चंचल सहारे डोंगरगढ़
80, संतोषिणी खदिया रायपुर
81, मनीषा रमटेके रायपुर
82, ऋचा प्रजापति बिलासपुर
83, संगीता रात्रे बेमेतरा
84, ज्योति रानी साहू दुर्ग
85, पूजा यादव कोरबा
86, सीमा साहू गरियाबंद
87, शारदा पाण्डेय बिलासपुर
88, ऋतु थामी दुर्ग
89, पुष्पा कोर्राम कांकेर
90, सुशीला महावीर कांकेर
91, स्नेहा बंजारे कोरबा
92, नन्दिता बिलासपुर
93, सीमा साहू गरियाबंद
94, कुमकुम पटनायक रायपुर
95, आसमा खान रायपुर
96, श्रुति यादव कोरबा
97, मनीषी सिंह कोरबा
98, नेहा शाह रायगढ़
99, निकिता मिंज रायगढ़
100, राजिंदर रंधावा कांकेर
101, उपलब्धि श्रीवास्तव, राजनांदगांव
102, मीना साहू बिलासपुर
103, सती बाघमार रायपुर

(प्रदेशभर की दिव्यांग महिला खिलाड़ी)
109. कु. अनीता बघेल – जांजगीर चांपा –
104. वीना निषाद – बलोदाबाजार
105. सविता निषाद – महासमुंद –
106, शंगीता मसीह – दुर्ग.
107, नीलकुमारी – पेंड्रा
108, उत्तरा नवरंग बिलासपुर

(दिव्यांग पुरुष खिलाड़ी)
1. किशोर नवरंगे – रायपुर –
2. युधिष्ठिर भोई – महासमुंद –
3. हरिचंद पटेल – मुंगेली
4. तुला राम खरे – जांजगीर चांपा
5. मेघनाथ साहू- बालोद
6. इंद्रा प्रसाद साहू – राजनांदगांव
7. तमिन ध्रुव – बलोदाबाजर
8, देवेंद्र पटेल -बालोद
9, सत्रुहन बघेल – बस्तर ,
10, सत्रुहन तरक – गरियाबंद
11, डिकेश टंडन, रायपुर

प्रवीण जैन ने उपरोक्त सभी खिलाड़ियों की सूची मुख्यमंत्री जी को भेजते हुए कहा है कि यदि इन खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ में स्थान दिया जाता है तो वह दिन दूर नही जब ये सभी खिलाड़ी मुख्यमंत्री बघेल जी के नेतृत्व में मैडलों से सूखी पड़ी छत्तीसगढ़ की धरती में मैडलों की बरसात कर देंगे।

दिनांक:- 25/07/2020

भवदीय
अधिवक्ता प्रवीण जैन
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल 7771001701

खेल विश्विद्यालय, उच्च शिक्षा में खिलाड़ियों को आरक्षण, निःशुल्क स्टेडियम सहित अनेकों मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई

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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के अध्यक्ष अधि. प्रवीण जैन ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी, खेल मंत्री श्री उमेश पटेल, खेल सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं खेल संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को कई पत्रों के माध्यम से खेल व खिलाड़ियों से जुड़ी विभिन्न मांग रखी:

छत्तीसगढ़ राज्य में खेल विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग

देश में वर्तमान में ग्वालियर और तमिलनाड़ु में खेल विश्वविद्यालय हैं, जबकि मणिपुर का खेल विश्वविद्यालय प्रगतिशील है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) का अकादमिक विंग नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ र्स्पोर्ट्स पटियाला के अलावा दिल्ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता जैसे शहरों में खेल संस्थान कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में प्रतिभाएं हैं, लेकिन संसाधन नहीं हैं।
छत्तीसगढ़ में खेल विश्वविद्यालय की योजना बीते पांच साल से बन रही है। 2015-16 के बजट में इसके लिए मामूली प्रावधान किए गए थे। पूर्व वर्ती सरकार ने खिलाड़ियों के हित में कई बार खेल विश्वविद्यालय की स्थापना करने की बात कही गई, किंतु इक्षाशक्ति की कमी से सारे वादे सिर्फ खोखले साबित हुए,
बस्तर, जशपुर, सरगुजा जैसे आदिवासी इलाकों से तीरंदाजी, मुक्केबाजी, निशानेबाजी, तैराकी आदि खेलों की नैसर्गिक प्रतिभाओं की कमी नही है, वहीं राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर बिलासपुर में हॉकी, फुटबॉल क्रिकेट, बॉलीबॉल के होनहार खिलाड़ी भरे पड़े हैं, हमारे यहां के खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण,साधन-संसाधन यदि प्रदान किया जाए तो वह दिन दूर नही जब ऑलम्पिक तथा कामनवेल्थ खेलों में प्रदेश के प्रतिनिधित्व करने लायक खिलाड़ी तैयार किए जा सकेंगे।
प्रदेश में खेल विश्विद्यालय प्रारम्भ कर उसमें खेल अर्थशास्त्र, खेल चिकित्सा, खेल पोषण, खेल प्रबंधन, खेल मनोविज्ञान, खेल पत्रकारिता जैसे संकाय खोलने की आवश्यकता।

प्रदेश के स्टेडियमों को खेल स्पर्धा के लिए मेंटनेंस चार्ज पर व राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए निःशुल्क प्रदान किया जाये

खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने प्रदेश में खेल के लिए बनाए गए राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियमों के साथ राजधानी स्थित इंडोर स्टेडियम व सुभाष स्टेडियम को प्रदेश के मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त खेल संघों को खेल की विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित कराने के लिए अन्य शुल्कों में कटौती करते हुए सिर्फ मेंटनेश व बिजली बिल दर पर प्रदान करने की कृपा करें, जिससे खेल संघों पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च कम कर उसे खिलाड़ियों को अच्छी सुविधा प्रदान करने में खर्च किया जा सकेगा। साथ ही विभिन्न मौकों पर राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट की तैयारी हेतु प्रदेश के स्टेडियम निःशुल्क प्रदान करने का कष्ट करें।

उच्च शिक्षा के लिए महाविधालय प्रवेश में खिलाड़ियों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाने की मांग

विगत कुछ वर्षों से लगातार कक्षा 12 वीं के परिणाम बेहतर आने की वजह से पास होने वाले छात्र छात्राओं के प्रतिशत लगातार बढ़ रहे हैं, इस कारण खिलाड़ी छात्र छात्राओं को महाविद्यालय में प्रवेश के समय बेहद कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि खेल में लगातार ध्यान देने व प्रतियोगिताओ में भागीदारी के कारण परीक्षाओं में उनके अंक कम आते हैं, जबकि वे खेल में राज्य एवं राष्ट्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
वर्तमान में उन्हें एडमिशन के समय प्राप्तांक का 10% अंक प्रदान किया जाता है, जिससे भी उन्हें एडमिशन नही मिल पा रहा।
कृपया ऐसे खिलाड़ी छात्र छात्राओं जो राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, इंटर विश्व विद्यालय प्रतियोगिताओं ( ओलम्पिक एवं नॉन ओलंपिक खेल) में भागीदारी करते है उनके लिए एडमिशन वर्ष से 3 वर्ष पूर्व तक प्रत्येक कक्षा में 5% सीट्स आरक्षित करके उन्हें आउट ऑफ टर्न एडमिशन की पात्रता प्रदान की जाये।

शहीद पंकज विक्रम खेल पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किये जाने की मांग रखी

ज्ञात हो कि 2012 तक इस पुरस्कार विजेता को उत्कृष्ठ खिलाड़ी घोषित किया जाता था किंतु उसके बाद से इस पर रोक लगा दी गई, शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार विजेता खिलाड़ी को यदि उत्कृष्ठ खिलाड़ी घोषित किया जाता है तो इससे खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों सहित अन्य क्षेत्रों में लाभ मिलेगा।

NIS खेल प्रशिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के निराकरण के संबंध में कोचों की मांग पत्र को मुख्यमंत्री जी सहित अधिकारियों के समक्ष रखा।

व्यायाम शिक्षकों की पदोन्नति सहित 7 कंडिकाओं में उल्लेखित मांगों के संबंध में भी पत्र मुख्यमंत्री जी सहित अधिकारियों को सौंप कर उनका पक्ष रखा।

अधि. प्रवीण जैन
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल

कांग्रेस कॉरपोरेट क्रिकेट टूर्नामेंट में दुर्ग फोर्स चैंपियन

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प्रदेश कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल द्वारा आयोजित कॉरपोरेट क्रिकेट टूर्नामेंट रायपुर के गॉस मेमोरियल खेल मैदान में सम्पन्न हुआ, इस टूर्नामेंट में उद्योग और व्यापार जगत की 16 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसका फाइनल मुकाबला 20 जनवरी 2019 रविवार सम्पन्न हुआ, कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जैन ने जानकारी देते हुए बतलाया कि टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला फोर्स 11 दुर्ग और ट्रांसपोर्ट संघ रायपुर के मध्य खेला गया, फोर्स 11 ने टॉस जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया, पहले बल्लेबाजी करते हुए ट्रांसपोर्ट संघ ने रोहन 43 की मदद से निर्धारित 10 ओवरों में 80 रन बनाये, फोर्स की ओर से दिव्यांश ने 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी फोर्स 11 ने राज के 29 व देवेंद्र के 23 रनों के योगदान से 9 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। मैन ऑफ द मैच राज को घोषित किया गया, फाइनल मुकाबले में रमेश मोदी, जैन जितेंद्र बरलोटा, गजराज पगारिया, इंदरचंद धाड़ीवाल, पारस चोपड़ा, प्रकाश सुराणा, सीए संतोष जैन, नरेंद्र अग्रवाल, श्रीमती किरणमई नायक, प्रेमचंद लुनावत, कन्हैया अग्रवाल, राजेन्द्र जग्गी, विनोद नायक सहित सभी अथितियों ने टूर्नामेंट में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया।
बेस्ट बॉलर का खिताब दिव्यांश को प्राप्त हुआ जिसने टूर्नामेंट में 8 विकेट प्राप्त किया, बेस्ट बेस्टमैन तथा मैन ऑफ द सीरीज का खिताब सौरभ को गया।
आयोजन में पीयुष डागा, मनोज बोथरा, राहुल जैन का महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त हुआ।

अधि. प्रवीण जैन
अध्यक्ष
कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल